Wednesday, August 31, 2016

नोएडा में "शुक्रिया मुकेश-2016" कार्यक्रम सफल सम्पन्न हुआ


“मुकेश ऐसे अद्भुत गायक हैं जिनको याद करना नहीं पड़ता क्योंकि याद उनको किया जाता है जिनको भुला दिया गया हो और मुकेश जी को हम भुला नहीं सकते अत: यह कार्यक्रम उनकी याद में नहीं उनके सम्मान में किया जा रहा है” यह शब्द जब दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया जी ने नवरत्न फाउंडेशन्स एवं क्लब-26 के सयुंक्त तत्वावाधान द्वारा क्लब 26 नोएडा में आयोजित मनभावन कार्यक्रम ‘शुक्रिया मुकेश-2016’ में कही तो दर्शकों से खचाखच भरा प्रांगण तालियों की गडगडाहट से गूँज उठा इस दिलकश कार्यक्रम का आनंद सिसोदिया जी संग उत्तर प्रदेश में राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त श्री अनिल सिंह. नोएडा की विधायक श्रीमती विमला बाथम, फोनरवा के अध्यक्ष श्री एन.पी सिंह, भारत सरकार के सयुंक्त सचिव श्री अतियानंद, नेपाल के राजगुरु, क्लब के अध्यक्ष आर.के.खोसला. सचिव सुनील पुरी फ्लाइट लेफ्टिनेंट जे.पी शर्मा, राजन श्रीवास्तव, आर.के सक्सेना, गजानन माली जी एवं आदित्य घिल्डियाल के संग सैकड़ों लोगों ने प्रसिद्ध गायक स्वर्गीय मुकेश जी के अमर गानों का उनकी पुण्यतिथि पर आयोजित शुक्रिया मुकेश में तीन घंटे तक लगातार उमस एवं गर्मी से भरे मौसम में डट के लिया.

इसी कार्यक्रम में संगीत, नृत्य एवं कला को प्रोत्साहित कर हज़ारों लोगों को मंच प्रदान कर समाज में सांस्कृतिक सद्भाव बढाने के लिए जी. आई. पी. माल को प्रतिष्ठित ‘ मुकेश निचानी म्यूजिक प्रमोशन अवार्ड’ से सम्मानित किया गया. इस पुरस्कार को एसोसिएट डायरेक्टर श्री शमीम अनवर साहब ने ग्रहण किया.

शुक्रिया मुकेश-2016 का प्रारंभ नोएडा के गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्वलित कर के किया. नवरत्न के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने सभी मेहमानों का स्वागत किया और शुक्रिया मुकेश की 10वें प्रस्तुती पर शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करते हुए नवरत्न की सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला तथा इस कार्यक्रम से माध्यम से उभरते कलाकारों को मंच प्रदान करने की सार्थकता को उजागर किया. आज इस मंच से अनेको कलाकार अपने नाम संगीत के क्षेत्र में नाम कमा रहें हैं.

पंकज माथुर की जब ‘जोशो जवानी हाय रे हाय’ गीत के शुरुआत से लेकर कपिल तिवारी के अंतिम गीत ‘ जिंदगी ख्वाब है ‘ तक लोग कलाकारों द्वारा गाये गीत गुनगुनाते रहे. लिटिल चैम्प दिवाकर शर्मा, क्लब के अध्यक्ष आर. के.खोसला, संजय पांडे, सुमिता सक्सेना, टुहिना चटर्जी, आशुतोष जैन, अशोक टंडन, जसविंदर परमार, विनय सेठिया, सौरभ गंगल, श्रुति उपाध्याय, सुनीता आहूजा,हरीशमाथुरजी, उमाजी, एवं रमेश जी की गायकी बे सबको बाँध के रखा. हर एक गाना गीतों की माला में स्वरों के मोती के तरह बंधा हुआ दिखाई पड़ा. खासकर जब मनोज शर्मा ने तुम “बिन जीवन किस बीता पूछो ने मेरे दिल से” गीत गाया तो सबको लगा की मुकेश जी स्वयं गाने आ गयें हैं. और लोगों ने खड़े होकर करतल ध्वनी से अभिवादन किया मनोज जी का. विशेष रूप से आमंत्रित इलाहबाद से आये प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एस. पी मिश्र की गायकी की भी बहूत तारीफ हुई. नोट्स एंड बीट्स बैंड द्वारा प्रदत म्यूजिक बैकअप को भी अत्यंत सराहना मिली.

देर रात तक चले कार्यक्रम का आनंद क्लब-26 में लोगों ने तो लिया साथ में वेबकास्ट सीधे प्रसारण के माध्यम से इसको पुरे विश्व में प्रसारित भी किया और इसका आनंद अपने देश एवं कई देशों के दर्शकों ने सीधे देख कर लिया. जिसका सयोंजन किया विनीत खरे ने किया था.

पूरा वेबकास्ट देखने  यहाँ क्लिक करें : 
https://www.youtube.com/watch?v=Sv4GRorDPHk


कार्यक्रम श्रीमती अनीता भाल्वर के बेहतरीन मंच सञ्चालन में बिना अधुरा माना जाएगा. अनीता जी संचालन पूर्ण रूप से साहित्यिक विविधता से भरा रहा और मनमोहक रहा साथ में सहयोग अशोक श्रीवास्तव भी ने किया.
शुक्रिया मुकेश के कोरडीनटरस संजय पांडे एवं कपिल तिवारी के बेहतरीन सयोजन के लिए श्री मनीष सिसोदिया जे सम्मानित किया इसके साथ दिल्ली के आस पास संगीत के बेहतरीन कार्यक्रमों को आयोजित करने के लिए उनेक प्रोत्साहन के लिए श्री एस. बी शर्मा अध्यक्ष एवं श्री नरूला जी कोषाध्यक्ष देवानंद फेन फोरम, श्री शिव चतुर्वेदी,अध्यक्ष,मुकेश मंच, श्री सोमेश्वर शर्मा, अध्यक्ष स्पर्श, विनीत चौधरी, अध्यक्ष, है उम्मीद को भी सम्मानित किया गया.
सभी कलाकरों को उनकी सराहनीय प्रस्तुति के लिए स्मृति चिन्ह एवं उपहार से सम्मानित किया गया.
कार्य्रकम में सरदार मंजीत सिंह बुटालिया, अनुरंजन श्रीवास्तव, अनूप सिन्हा, चितरंजन सक्सेंना, विवेक श्रीवास्तव, मुरारी प्रसाद श्रीवास्तव, मुरलीधरन, डॉ. पी. सी भरद्वाज, अनिल पाठक, संजय पेशावरी, श्रीमती मंजू सूद, आर.एल. लवानिया, अनिल मिश्र, गीता मिश्र, कृषण मोहन, जोरावर सिंह, विनीत चौधरी, प्रकाश गुप्ता, कार्निक शाह, प्रदीप शर्मा, पूर्व आई जी एम्.आई खान, वाजिद अली शाह डी.आई. जी. बी.एस.ऍफ़.,पटना से श्री सुशील वर्मा, अरबिंद सिन्हा, सुजीत वर्मा सपरिवार, लखनऊ से अधिवक्ता मनोज लाल. इंदौर से श्रीमती एवं श्री राजेश निगम, साहिबाबाद से उमेश सक्सेना, सुनील सक्सेना, हेमंत सक्सेना, निर्भय श्रीवास्तव. दिल्ली से एस. के निगम, आनंद सक्सेना, श्रीमती रीता माथुर, पुनीत सक्सेना, संजीव रस्तोगी, रेनू सोनी, आचार्य सुशील शर्मा, गुरुग्राम से श्रीमती एवं श्री सौरभ अस्थाना, कार्तिक नारायण तथा नोएडा से सुनीलमादरा,संजीव मादरा, आई.एस. वर्मा, तरुण माथुर,राजन खुराना, लायन अनुराग गोयल, लायन उमेश कुमार, अनिल कौशिक,अहमद खान, श्रीमती एवं श्री मिर्ज़ा मोबिन बेग, हरीश भाल्वर, अचिंत कुमार, सरदार एम्.एस.धामी, डी.बी साहनी, प्रसिद्ध गायक रमेश नौटियाल, प्रसिद्ध नृत्यांगना डॉ. कल्पना भूषण, एवं नृत्य गुरु श्रीमती शिवानी अरोडा, आवाज़ के जादूगर एवं प्रसिद्ध उद्घोषक श्री करुणेश शर्मा , श्रीमती सीता राना शर्मा इत्यदि की उपस्तिथि उल्लेखनीय रही.
गीतों की श्रंखला
जोशो जवानी हाय रे हाय पंकज माथुर
चाँद सी महबूबा हो मेरी ऐसा मैने सोचा था : सौरभ गंगल
इब्तदाये इश्क में सारी रात जागे : तुहिना चटर्जी एवं कपिल तिवारी
धीरे धीरे बोल कोई सुन न ले : सुमिता सक्सेना एवं संजय पांडे
दोस्त दोस्त न रहा प्यार प्यार न रहा: अशोक टंडन
वक्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते: डॉ एस.पी मिश्रा
तुम बिन जीवन कैसे बीता पूछो न मेरे दिल से : मनोज शर्मा
दिल की नज़र से : सुमिता सक्सेना एवं विनय सेठिया जी.
वो चाँद खिला : श्रीमती उमा जी एवं रमेश जी
मेरी तम्मनाओ की तकदीर हो : श्री एच. सी माथुर
तेरी निगाहों पर मर मर गये हम: श्री आशुतोष जैन
हम तो जाते अपने गावँ : जसविंदर परमार
तुमने किसी से कभी प्यार किया है: तुहिना चटर्जी एवं श्री आर.के. खोसला
बाली उमरिया भजन करूँ कैसे: श्रीमती सुनीता आहूजा एवं जसविंदर परमार
फूल तुम्हे भेजा है खत में: श्रीमती श्रुति उपाध्याय एवं सौरभ गंगल
ये मेरा दीवानपन है : श्री विनय सेठिया
मेरा प्यार भी तू है : सुमिता सक्सेना एवं डी.डी. चौधरी
तेरे होंठो के दो फूल प्यारे प्यारे : श्रीमती उमा एवं कपिल तिवारी.
महबूब मेरे महबूब मेरे: श्रीमती तुहिना चटर्जी एवं मनोज शर्मा
कई सदियों से कई जन्मो से: संजय पांडे जी
हम दोनों मिल के कागज़ के दिल पे : श्रीमती तुहिना चटर्जी एवं संजय पाण्डेय
जिंदिगी ख्वाब है ख्वाब में सच क्या झूठ क्या : कपिल तिवारी

Thursday, August 4, 2016

Happy Birthday Kishore Da "King of Indian Yodeling"

Kishore Kumar picked up the art of Yodel singing. Kishore was a fan of the singer Tex Morton, an Australian cowboy born in New Zealand who sang in the gene autry / Jimmie Rodgers style and the Australian Jimmy Rogers, perhaps the most American and one of the most famous yodelers in the world, famous for his blue yodels as well."

 

Old Post: एक था "अब्दुल करीम" !


Monday, July 4, 2016

नवरत्न फाउंडेशन खोलेगा 27 वां सिलाई प्रशिक्षण केंद्र

आर्थिक रूप से सबल कर महिलाओ को सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत् नवरत्न फाउंडेशन परिवार ने 'आस्तित्व' कार्ययोजना के तहत 27वां सिलाई प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है।
मयूर विहार फेस 3 की जी डी कालोनी में आगामी 9 मार्च को प्रातः 11 बजे इसका उद्घाटन किया जायेगा।परिवार द्वारा केंद्र पर प्रशिक्षक नियुक्त कर सिलाई शिक्षा में जरूरत की सारी सामग्री उपलब्ध करायी जायेगी।इस कार्यक्रम के पीछे नवरत्न परिवार का उद्देश्य है की महिलाओ को स्वरोजगार लायक शिक्षित कर जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक रूप से सबल बनाना।परिवार के मुखिया श्री अशोक श्रीवास्तव ने उक्त सामाजिक कार्यक्रम में लोगो से अधिक से अधिक मात्रा में पहुँचने की अपील की है।आगामी सप्ताह होने वाले इस कार्यक्रम की कार्ययोजना बना कर उसे अंतिम रूप दे दिया गया है।
उक्त कार्यक्रम में अनुरंजन जी, विवेक जी समेत परिवार के कई दर्जन पदाधिकारी , कार्यकर्ताओ के अलावा प्रशिक्षु व स्थानीय लोग मौजूद रहेंगे।

Saturday, February 13, 2016

महंगे रत्नों के विकल्प पेड़ों की जड़ें, ग्रह शांति के लिए यह उपाए


जरूरी नहीं है कि हर मनुष्य के पास ग्रह शांति का रत्न खरीदने के लिए आवश्यक धन हो हीं। तो क्या उनके लिए ज्योतिष में कोई उपाय नहीं है? क्यों नहीं, जरूर है। अनेक ज्योतिषीय ग्रंथों में रत्नों के विकल्प सुझाए गए हैं। पौधों और वृक्षों की जड़ी उनमें से एक है।
ज्योतिष ग्रंथ बतलाते हैं कि यदि जातक (मनुष्य) किसी कारणवश रत्न न धारण कर पाएं, तो वे ग्रहों से संबंधित वृक्ष की जड़ी धारण कर सकते हैं। इसे धारण करने से भी वही लाभ होता है, जो रत्न से होता है। विधि-‍विधान से धारण की गई जड़ी भी रत्न के समान ही फलकारक होती है।

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Sunday, June 9, 2013

श्री सुशील श्रीवास्तव, भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर सम्मान से सम्मानित !!!

वरिष्ठ पत्रकार श्री सुशील श्रीवास्तव को भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर सम्मान से सम्मानित किया गया ! सम्मानित करते भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चन्द्रशेखर जी के सलाहकार श्री एच. एन. शर्मा जी !

Tuesday, January 17, 2012

यूपी विधानसभा चुनावों में ताल ठोकेगी ब्रज विकास पार्टी


नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में नवगठित ब्रज विकास पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है| प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता ने कहा कि यूपी विधानसभा चुनावों में उनकी पार्टी ने बेदाग छवि वाले उम्मीदवारों को ही टिकट दिया है| पार्टी ने उन्ही उम्मीदवारों को टिकट दिया है जिन्होंने अपने ऊपर आपराधिक व भरष्टाचार से सम्बंधित कोई भी मुकदमा नहीं होने का सपथ पत्र जमा किया है| श्री गुप्ता ने कहा कि ब्रज विकास पार्टी को बांसुरी चुनाव चिन्ह मिला है| चुनावी घोषणा पत्र जरी करते हए उन्होंने बेरोजगारों को हर माह 5 हज़ार रुपये नगद बेरोज़गारी भत्ता देने, बालिकाओं को स्नातक तक निः शुल्क पढाई की व्यवस्था सहित कई अन्य वादे किये हैं|

गौरतलब है की बुंदेलखंड और ब्रज प्रदेश के लिये जहाँ दो बड़ी राजनितिक पार्टियाँ मैदान में हैं वहीँ ब्रज विकास पार्टी 50 सीटों पर अपने उम्मीद्वार खड़ा कर राजनितिक दलों का खेल ख़राब करने के लिये कमर कस चुकी है| ब्रज विकास पार्टी के अध्यक्ष देवेन्द्र गुप्ता पुराने कांग्रेसी हैं कहते हैं| हमारा अहम् मुद्दा भ्रष्टाचार से मुक्ति और ब्रज प्रदेश का गठन करना है| उनका दावा है की उनके प्रत्याशी अन्ना की कसौटी पर खरे उतरते हैं| इस लिये अन्ना और उनकी टीम को ब्रज विकास पार्टी का खुल के समर्थन करना चाहिए| गुप्ता ने कहा की पार्टी ने अपनी मापक इकाई बहुत ही पारदर्शी और नियोजित बनाई है|

Thursday, July 7, 2011

"लापता" की तलाश !



नाम:- "कछुआ प्रसाद" उर्फ़ "कछुआ चाचा"
उम्र:- ४५ साल लगभग
रंग: गेहुआ

यह आपको कही भी कछुए की चाल से चलते हुए पाए जा सकते है, ये "कभी कभी मिल भी जाते है और कभी कभी नहीं भी मिलते है". जिस किसी भी सज्जन को यह पुरुष मिले वह "लापतागंज" पंहुचाने का कृपया करे!

Saturday, April 9, 2011

देखो सीखो समझो !!!


ना भारत बंद, ना आगजनी, ना तोड़फोड़, ना रेल रोको,

तब भी हम जीत गए! .......... देखो सीखो समझो !!!


‎65 साल बाद भी आज भी शांति का रास्ता कारगर है

........ देखो सीखो समझो !!!


क्या कश्मीर मुद्दा, उत्तर भारतीयों का मुद्दा, जाट आरक्षण, गुज्जर आरक्षण,

हिंसक होने से हल हो गए क्या ? .............. देखो सीखो समझो !!!

Wednesday, January 19, 2011

एक चेहरे पर कई चेहरे सजा लेते हैं लोग

जब भी चाहें एक नई सूरत बना लेते हैं लोग
एक चेहरे पर कई चेहरे सजा लेते हैं लोग

मिल भी लेते हैं गले से अपने मतलब के लिए
आ पड़े मुश्किल तो नज़रें भी चुरा लेते हैं लोग

है बजा उनकी शिकायत लेकिन इसका क्या इलाज
बिजलियाँ खुद अपने गुलशन पर गिरा लेते हैं लोग

हो खुशी भी उनको हासिल ये ज़रूरी तो नहीं
गम छुपाने के लिए भी मुस्कुरा लेते हैं लोग

ये भी देखा है कि जब आ जाये गैरत का मुकाम
अपनी सूली अपने काँधे पर उठा लेते हैं लोग

क़तील शिफाई

Tuesday, November 30, 2010

कुछ दूर हमारे साथ चलो ...

कुछ दूर हमारे साथ चलो हम दिल की कहानी कह देंगे
समझे न जिसे तुम आँखों से वो बात ज़बानी कह देंगे

फूलों की तरह जब होंठों पर इक शोख़ तबस्सुम बिखरेगा
धीरे से तुम्हारे कानों में इक बात पुरानी कह देंगे

इज़हार-ए-वफ़ा तुम क्या समझो इक़रार-ए-वफ़ा तुम क्या जानो
हम ज़िक्र करेंगे ग़ैरों का और अपनी कहानी कह देंगे

मौसम तो बड़ा ही ज़ालिम है तूफ़ान उठाता रहता है
कुछ लोग मगर इस हलचल को बदमस्त जवानी कह देंगे

Monday, November 22, 2010

मैं नशे में हूँ !!!

ठुकराओ या अब के प्यार करो मैं नशे में हूँ
जो चाहो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ

अब भी दिला रहा हूँ यकीं-ऐ-वफ़ा मगर
मेरा ना एतबार करो मैं नशे में हूँ

गिरने दो तुम मुझे, मेरा साग़र संभाल लो
इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ

मुझको कदम कदम पे भटकने दो वाइज़ों
तुम अपना कारोबार करो मैं नशे में हूँ

फ़िर बेखुदी में हद से गुज़रने लगा हूँ मैं
इतना ना मुझसे प्यार करो मैं नशे में हूँ



Monday, June 14, 2010

सार्वजनिक उपक्रमों पर पहला पोर्टल

अपने देश में पहली प्रकार के एक उद्यम में, वरिष्ठ पत्रकार विवेक अवस्थी भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए पहले निजी पोर्टल www.psuindia.in नाम शुरू कर दिया है

भारत के 246 सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों जो केंद्रीय सरकार के साथ हो गया है. सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों बुरे समय सहा है, लेकिन वैश्विक मंदी को देखा जो विश्व शक्तियों हिल के लिए गिर नहीं है. पर इसके विपरीत, भारतीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों उड़ान रंगों में इन बार के बाहर आ गए हैं, उनके झंडे चमकता उज्ज्वल है और उच्च.

निजी कंपनियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, औसत प्रतिशत और सार्वजनिक उपक्रमों का शुद्ध लाभ 8 प्रतिशत से वर्ष 2000 में वृद्धि हुई है 2009 में 14.5 प्रतिशत करने के लिए. लाभांश हिस्सा करने के लिए इसके अलावा, वे उत्पाद शुल्क, सीमा शुल्क, निगमित कर और ऋण, जो रुपए की राशि के ब्याज के मामले में एक प्रमुख योगदानकर्ता किया गया है. पिछले वित्तीय वर्ष में 15,1728 करोड़ रुपए है. कुल विदेशी मुद्रा उनके द्वारा अर्जित रुपये के बराबर है. 74,000 करोड़ रुपए है.

246 सार्वजनिक उपक्रमों में से सात देश में बीमा कंपनियों, को छोड़कर, 33 कार्यों के लिए अभी तक शुरू कर रहे हैं. 213 के संचालन के अब तक केवल 54 सार्वजनिक उपक्रमों घाटे में रहे हैं, जबकि दूसरों को बहुत अच्छी तरह से कर रहे हैं. पिछले एक दशक में सार्वजनिक उपक्रमों बनाने नुकसान आधा द्वारा 1999-2000 में 105 के उच्च से हटा दिया गया है की संख्या. उनके देश के सकल घरेलू उत्पाद का योगदान 6.49 प्रतिशत है.

लेकिन जब वहाँ कई उद्योग या शेयर बाजार, समाचार और सार्वजनिक उपक्रमों सही तिमाहियों तक नहीं पहुँचती है के योगदान को समर्पित वेबसाइटों - कि देश का आम आदमी होता है. मुझे लगा कि देश के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के लिए एक समर्पित पोर्टल के लिए एक तत्काल आवश्यकता थी और मैं आगे इस - वेबसाइट www.psuindia.in - एक देश के सर्वरों के लिए समर्पित पोर्टल के रूप में मेरा मानना है के साथ आए हैं ताकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों गुमनाम हीरो है जो आधुनिक भारत के निर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाई है रहे हैं.

विवेक अवस्थी पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 19 वर्षों के लिए किया गया है. वह नई दिल्ली में एक अपराध संवाददाता के रूप में पैट्रियट अखबार से अपना कैरियर शुरू किया. वह बीआई टी वी के साथ टेलीविजन समाचार के लिए आधार के स्थानांतरण से पहले हिंदुस्तान टाइम्स और पायनियर साथ काम किया. वह प्रारंभिक आजतक समाचार स्वर्गीय श्री एस.पी. सिंह के नेतृत्व में बुलेटिन का एक हिस्सा था. बाद में उन्होंने जी टीवी के साथ काम किया जहां उन्होंने ज़ी न्यूज के नींव रखने में सक्रिय था. उन्होंने स्टार न्यूज के साथ काम किया है जब स्टार न्यूज एनडीटीवी के साथ तरीके जुदा. वह दिल्ली आजतक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इस उद्यम को सफल बनाने के बाद चैनल शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी, वह लगभग तीन साल के लिए नेटवर्क के 18 समूह IBN7 के साथ काम किया जिसके बाद वह छोड़ दिया और अपने उद्यम - शुरू छवि Mentors जिसके बाद वह शुरू हो गया है इस - www.psuindia.in वेबसाइट

धन्यवाद,

विवेक अवस्थी
संपादक और सीईओ
www.psuindia.in